Open Letter to the Prime Minister India–USA Trade Agreement and the Future of Farmers

Image
Author : Arun Ramchandra Pangarkar Founder : Shramik Kranti Mission – Voice of the Poor Open Letter to the Prime Minister India–USA Trade Agreement and the Future of Farmers This letter has been formally submitted on the Government of India’s PG Portal. Registration Number : PMOPG/E/2026/0022461 Subject: Concern regarding the interests of farmers and workers in the context of the India–USA Trade Agreement To, Hon’ble Prime Minister of India, Respectful greetings. As a conscious Indian citizen, I wish to place before you my serious concern regarding the future of farmers, workers, and the poor in the context of the India–USA trade agreement. Netaji Subhas Chandra Bose had clearly stated that political freedom remains incomplete unless the nation becomes economically self-reliant. Similarly, Dr. Babasaheb Ambedkar warned that no democracy can survive withou...

 

प्रत्येक श्रम को सम्मानित मूल्य देने के उपाय

प्रत्येक श्रम को सम्मानित मूल्य देने के उपाय

“प्रत्येक काम को उचित दाम मिले” यह एक आदर्श है, लेकिन इसके लिए व्यवहारिक मार्ग तय करना आवश्यक है। नीचे चरणबद्ध उपाय प्रस्तुत हैं:

✅ १. काम की सामाजिक उपयोगिता का मूल्यांकन

हर काम से समाज और राष्ट्र को क्या लाभ होता है, इसका अध्ययन करना।

  • उदाहरण – किसान अन्न उगाता है → सीधे जीवन-आवश्यक जरूरत पूरी करता है (उच्च मूल्य)।
  • फ़िल्मी मनोरंजन → आवश्यकता से पूरक (कम मूल्य)।

👉 इस प्रकार काम का सामाजिक उपयोग स्कोर तय करना।

✅ २. श्रम, कौशल और जोखिम का मापन

  • काम में कितना शारीरिक और मानसिक श्रम लगता है।
  • इसके लिए कितने वर्षों की शिक्षा/प्रशिक्षण आवश्यक है।
  • काम में कितना जोखिम है (जैसे – निर्माण मजदूर बनाम ऑफिस जॉब)।

👉 इसके आधार पर मानधन का स्तर (ग्रेड) तय किया जा सकता है।

✅ ३. जीवन-निर्वाह के लिए न्यूनतम दाम

देश की महँगाई, भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरतों को देखकर न्यूनतम वेतन तय करना।

इससे कम किसी भी काम को भुगतान न मिले।

✅ ४. अधिकतम आय पर सीमा

एक कलाकार/कॉर्पोरेट/व्यापारी करोड़ों कमाता है और किसान न्यूनतम दाम से भी वंचित रहता है – इस असमानता को रोकने के लिए:

  • आयकर और संपत्ति कर द्वारा सीमा लगाना।
  • अतिरिक्त राशि सरकार के पास जमा करके निम्न-आय वर्ग में वितरित करना।

✅ ५. स्वतंत्र “काम मूल्य आयोग” की स्थापना

  • सरकार न्यायपूर्ण आय-वितरण के लिए आयोग बनाए।
  • आयोग हर व्यवसाय का अध्ययन करके उचित मानधन का मानक घोषित करे।
  • जैसे आज “न्यूनतम वेतन मंडल” है, वैसे ही “सामाजिक उपयोगिता आधारित मानधन मंडल” बनाया जा सकता है।

✅ ६. ऑनलाइन/डिजिटल अर्थव्यवस्था

  • सारी कमाई सीधे बैंक खाते में → सरकार हर व्यक्ति की आय का अध्ययन कर सके।
  • पारदर्शिता → भ्रष्टाचार में कमी।
  • कौन ज्यादा, कौन कम कमा रहा है इसका अध्ययन करके संतुलन लाया जा सकता है।

🔑 संक्षिप्त उपाय

“काम की सामाजिक उपयोगिता + श्रम-कौशल + जीवन-निर्वाह आवश्यकताएँ” इन तीन तत्वों के आधार पर दाम तय किया जाए, तभी न्यायपूर्ण वितरण संभव होगा।

Comments

Popular posts from this blog

✍️ अखेर अवतरली गंगा; शिवपिंडीवरील रक्ताभिषेक पावन झाला लोकप्रतिनिधींच्या भगीरथ प्रयत्नांना यश

भारतातील शेती व्यवसाय: बाजारभाव जुगारासारखा का झाला? इतर देशांतही अशीच परिस्थिती आहे का?

MSP क्यों आवश्यक है?