लोकतंत्र की विफलता या नागरिकों की उदासीनता?

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  ✊ श्रमिक क्रांति – गरीबों की आवाज ✊ लोकतंत्र की विफलता या नागरिकों की उदासीनता? "मैं और मेरा परिवार" से "मेरा समाज, मेरा देश" तक... भारत को स्वतंत्र हुए कई दशक बीत चुके हैं। हम स्वयं को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहने पर गर्व करते हैं। चुनाव होते हैं, सरकारें बदलती हैं, नई योजनाएँ घोषित होती हैं। फिर भी एक प्रश्न बार-बार सामने आता है— आम नागरिकों की अनेक मूलभूत समस्याएँ वर्षों से जस की तस क्यों बनी हुई हैं? इसका उत्तर केवल सरकार, प्रशासन या राजनेताओं में ढूँढना पर्याप्त नहीं है। शायद अब समय आ गया है कि हम स्वयं का भी आत्ममंथन करें। विचार करने योग्य प्रश्न आज समाज का एक बड़ा वर्ग "मैं और मेरा परिवार" की सीमित सोच तक सिमट गया है। जब व्यक्तिगत समस्याएँ हल हो जाती हैं, तब समाज में हो रहे अन्याय, भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी और सार्वजनिक समस्या...

श्रमिक क्रांति मिशन का स्वास्थ्य अभियान

Shramik Kranti – Garibon Ka Aawaz

 

🐍 श्रमिक क्रांति मिशन का स्वास्थ्य अभियान :

“हर ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश की वैक्सीन (Anti-Snake Venom Serum) स्थायी रूप से उपलब्ध होनी चाहिए!”

नासिक, ७ अक्टूबर २०२५

श्रमिक क्रांति मिशन – "गरीबों की आवाज" ने महाराष्ट्र तथा देश के सभी ग्रामीण अस्पतालों में सर्पदंश की वैक्सीन (Anti-Snake Venom Serum) का स्थायी स्टॉक बनाए रखने की मांग की है।

हर साल ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश से सैकड़ों किसान, मजदूर और गरीब नागरिक अपनी जान गंवाते हैं। खासकर बरसात और खेती के मौसम में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। परंतु ग्रामीण अस्पतालों में वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण रोगियों को शहर के बड़े अस्पतालों तक ले जाना पड़ता है, जिससे कीमती समय नष्ट होता है और कई बार मरीजों की मृत्यु हो जाती है।

मिशन के कार्यकर्ता अरुण रामचंद्र पांगारकर ने अपने निवेदन में स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि —

“हर ग्रामीण अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश की वैक्सीन का स्थायी भंडार रखना अनिवार्य किया जाए, तथा इसकी उपलब्धता पर नियमित निरीक्षण और रिपोर्ट प्रणाली लागू की जाए।”

साथ ही श्रमिक क्रांति मिशन ने राज्य और केंद्र सरकार से यह भी अपील की है —

“Every Rural Hospital in Maharashtra and also in the whole country be mandated to maintain a permanent stock of Anti-Snake Venom Serum.”

इस पहल का उद्देश्य केवल दवा की उपलब्धता नहीं बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना और जनजागृति फैलाना है।


✊ श्रमिक क्रांति मिशन का नारा :

“हर हाथ को काम, हर काम को उचित दाम और सम्मान!”

📢 आवाहन:

अगर आप भी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाना चाहते हैं,
तो इस मिशन से जुड़िए —

👉 श्रमिक क्रांति – गरीबों की आवाज
🌐 www.garibonkaaawaz.org

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