🚜 कानून का भय नहीं, अन्याय करने वालों को समझाने वाला प्रशासन : ठंडा या शक्तिहीन?
🚜 कानून का भय नहीं, अन्याय करने वालों को समझाने वाला प्रशासन : ठंडा या शक्तिहीन? विशेष लेख : छह वर्षों से चल रहे रास्ते के संघर्ष ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े किए गंभीर सवाल पिछले छह वर्षों से एक वहिवाट (आवागमन) मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब केवल एक रास्ते का मुद्दा नहीं रह गया है। यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के पालन और सामान्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के प्रश्न से जुड़ चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन को यह ज्ञात है कि रास्ते में बाधा कौन उत्पन्न कर रहा है, सरकारी आदेशों के पालन में अड़चन कौन डाल रहा है और किसानों के अधिकारों में व्यवस्थित रूप से रुकावट कौन पैदा कर रहा है। इसके बावजूद प्रभावी कानूनी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। कानून की ताकत या केवल समझाइश? सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना कोई साधारण बात नहीं है। कानून के शासन वाले किसी भी लोकतांत्रिक समाज में ऐसे व्यवहार पर उचित कानूनी कार्रवाई अपेक्षित होती है। लेकिन यहाँ स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। कानून लागू करने के बजाय संबंधित व्यक्तियों को समझाया जाता है, उनसे सहयोग की अपे...