विषैला भोजन, बढ़ता कैंसर और रासायनिक खेती : यह केवल गलती नहीं, बल्कि अपराध है
विषैला भोजन, बढ़ता कैंसर और रासायनिक खेती : यह केवल गलती नहीं, बल्कि अपराध है आज कैंसर के मामलों में जो तेज़ी से वृद्धि हो रही है, वह केवल संयोग नहीं है और न ही केवल जीवनशैली का परिणाम है। यह लंबे समय से शरीर में जमा होते आ रहे विष का परिणाम है — और आज उस विष का सबसे बड़ा स्रोत हमारा भोजन बन चुका है। अज्ञान नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया स्वार्थ आज खेती में यूरिया, रासायनिक खाद, कीटनाशक और खरपतवारनाशक का उपयोग अज्ञानता के कारण नहीं किया जाता। कितनी मात्रा उपयोग करनी है, छिड़काव का अंतराल क्या होना चाहिए, कटाई से पहले कितने दिन रुकना चाहिए — यह सब जानकारी होने के बावजूद लाभ और बाज़ार की होड़ में अत्यधिक उपयोग किया जाता है। समाज, राष्ट्र, देशवासी, मानवता — भोजन उत्पादन के समय इन मूल्यों का विचार शायद ही किया जाता है। यह कड़वा सत्य हमें स्वीकार करना होगा। “चायना सब्ज़ी” : व्यवस्था का भयावह उदाहरण आज बाज़ार में बड़े पैमाने पर मिलने वाली तथाकथित “चायना सब्ज़ी” इस समस्या का चरम उदाहरण है। अत्यधिक तेज़ वृद्धि, अस्वाभाविक आकार, प्राक...