Posts

🚩 Farmers Begin Indefinite Hunger Strike in Pangri Budruk

Image
Farmers Begin Indefinite Hunger Strike in Pangri Budruk 🚩 Farmers Begin Indefinite Hunger Strike in Pangri Budruk Date: 16 March 2026 Location: Pangri Budruk, Taluka Sinnar, District Nashik, Maharashtra Farmers in Pangri Budruk have begun an indefinite hunger strike from 16 March 2026 in protest against the closure of their access road. With no alternative route available, the affected farmers are facing severe hardship and have expressed strong dissatisfaction with the delay in administrative action. Considering the seriousness of the issue, representations have been submitted to all concerned departments, demanding an immediate hearing and justice. 📌 Key Demands: Immediate site inspection by the Revenue Department and reopening of the access road. Strict action against those who submitted false documents. Inquiry into the delay in the justice proc...

🚩 पांगरी बुद्रुक में किसानों का आमरण अनशन शुरू

Image
पांगरी बुद्रुक में किसानों का आमरण अनशन शुरू 🚩 पांगरी बुद्रुक में किसानों का आमरण अनशन शुरू दिनांक: 16 मार्च 2026 स्थान: पांगरी बुद्रुक, ता. सिन्नर, जि. नाशिक पांगरी बुद्रुक में रास्ता बंद किए जाने के विरोध में पीड़ित किसान 16 मार्च 2026 से आमरण अनशन पर बैठे हैं। रास्ते का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए संबंधित सभी विभागों को निवेदन भेजा गया है तथा तत्काल सुनवाई कर न्याय देने की मांग की गई है। 📌 प्रमुख मांगें: राजस्व विभाग द्वारा तत्काल स्थल निरीक्षण कर रास्ता खोल दिया जाए। झूठे दस्तावेज प्रस्तुत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। न्याय प्रक्रिया में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। RTI के अंतर्गत मांगी गई जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए। वावी पुलिस स्टेशन के गैरवर्तन की जांच कर लिखित स्पष्टीकरण दिया जाए। खेती के नुकसान ...

🚩 पांगरी बुद्रुक येथे शेतकऱ्यांचे आमरण उपोषण सुरू

Image
पांगरी बुद्रुक येथे शेतकऱ्यांचे आमरण उपोषण सुरू 🚩 पांगरी बुद्रुक येथे शेतकऱ्यांचे आमरण उपोषण सुरू दिनांक: 16 मार्च 2026 स्थळ: पांगरी बुद्रुक, ता. सिन्नर, जि. नाशिक पांगरी बुद्रुक येथे वहिवाटी रस्ता बंद केल्याच्या निषेधार्थ पीडित शेतकरी दिनांक 16 मार्च 2026 पासून आमरण उपोषणाला बसलेले आहेत. रस्त्याचा कोणताही पर्याय उपलब्ध नसताना प्रशासनाकडून होणाऱ्या विलंबामुळे शेतकऱ्यांमध्ये तीव्र नाराजी व्यक्त होत आहे. सदर प्रकरणाची गंभीरता लक्षात घेता संबंधित सर्व विभागांना निवेदन देण्यात आले असून तात्काळ सुनावणी घेऊन न्याय देण्याची मागणी करण्यात आली आहे. 📌 प्रमुख मागण्या: महसूल विभागाने तात्काळ स्थळ पाहणी करून वहिवाटी रस्ता खुला करून द्यावा. खोटे दाखले सादर करणाऱ्यांवर कडक कारवाई करावी. न्याय प्रक्रियेत झालेल्या विलंबाची चौकशी करून जबाबदारी निश्चित करावी. RTI अंतर्गत मागवलेली माहिती तात्काळ उपलब्ध करून द्यावी. वावी पोलीस स्टेशनच्या गैरवर्तनाची चौकशी करून लेखी खुलासा द्यावा. शेतीच...

सब्ज़ी मंडी में किसानों की लूट – पूरी व्यवस्था का विश्लेषण

Image
सब्ज़ी मंडी में किसानों की लूट – पूरी व्यवस्था का विश्लेषण भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि वही किसान अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहा है। सब्ज़ी मंडियों में किसानों के साथ कई प्रकार के आर्थिक अन्याय और शोषण की घटनाएँ होती हैं। किसान खेत में मेहनत करके सब्ज़ियाँ उगाता है, लेकिन मंडी में पहुँचने के बाद उसे अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता। दलालों का जाल अधिकतर मंडियों में दलालों और व्यापारियों का एक मजबूत नेटवर्क होता है। किसान को अपनी उपज बेचने के लिए इन्हीं के माध्यम से गुजरना पड़ता है। इस कारण किसान को बाजार का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पाता। तौल और कीमत में गड़बड़ी कई जगहों पर तौल में गड़बड़ी की जाती है। कभी वजन कम दिखाया जाता है तो कभी कीमत कम लगाई जाती है। इसका सीधा नुकसान किसान को उठाना पड़ता है। व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता सरकार को ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे किसान को अपनी उपज का उचित मूल्य सीधे मिल सके। क...

How Farmers Are Exploited in Vegetable Markets – A Systemic Analysis

Image
How Farmers Are Exploited in Vegetable Markets – A Systemic Analysis Shramik Kranti Mission Voice of the Poor How Farmers Are Exploited in Vegetable Markets – A Systemic Analysis Author: Arun Ramchandra Pangarkar Founder – Shramik Kranti Mission, Voice of the Poor Farmers who bring vegetables to market yards often face various forms of economic exploitation. This problem is not limited to a single market committee but reflects systemic issues present in vegetable markets across the state and the country. Free Produce Taken in the Name of “Samples” In many vegetable markets, traders take a certain quantity of produce from farmers in the name of “samples” for each lot. In reality, this practice results in direct financial loss for farmers. Handling and Loading Work Done by Farmers Once the produce is sold, the responsibility for handling, loading, or packing should ideally lie with the traders. However, in many cases the...

भाजी मार्केटमध्ये शेतकऱ्यांची लूट कशी होते – संपूर्ण प्रणालीचे विश्लेषण

Image
भाजी मार्केटमध्ये शेतकऱ्यांची लूट कशी होते – संपूर्ण प्रणालीचे विश्लेषण श्रमिक क्रांती मिशन गरीबांचा आवाज भाजी मार्केटमध्ये शेतकऱ्यांची लूट कशी होते – संपूर्ण प्रणालीचे विश्लेषण लेखक : अरुण रामचंद्र पांगारकर प्रणेता – श्रमिक क्रांती मिशन, गरीबांचा आवाज भाजीपाला विकण्यासाठी बाजार समितीत येणाऱ्या शेतकऱ्यांना अनेक वेळा आर्थिक शोषणाला सामोरे जावे लागते. ही समस्या केवळ एखाद्या एका बाजार समितीपुरती मर्यादित नसून संपूर्ण राज्यातील व देशातील भाजी मार्केटमध्ये आढळणाऱ्या चुकीच्या पद्धतींशी संबंधित आहे. सॅम्पलच्या नावाखाली मोफत माल भाजी मार्केटमध्ये अनेक व्यापारी प्रत्येक लॉटमागे “सॅम्पल” या नावाखाली शेतकऱ्याकडून काही प्रमाणात भाजीपाला मोफत घेतात. प्रत्यक्षात ही पद्धत शेतकऱ्यांच्या आर्थिक हिताला बाधा आणणारी आहे. माल भरणे व हाताळणी शेतमाल व्यापाऱ्याच्या ताब्यात गेल्यानंतर माल भरणे, पॅकिंग किंवा वाहतूक यासारखी कामे व्यापाऱ्याची जबाबदारी असणे अपेक्षित आहे. परंतु प्रत्यक्षात ही कामे शेतकऱ्यांकडूनच करून घेतली जातात. हमाली शेतक...

⚖️ कानून के नाम पर अन्याय? – गरीबों का न्याय कहाँ खो गया?

Image
⚖️ कानून के नाम पर अन्याय? – गरीबों का न्याय कहाँ खो गया? आज हमारे देश में एक अजीब और दर्दनाक सच्चाई सामने आ रही है। न्याय देने के लिए बनाया गया कानून ही कई बार अन्याय का साधन बनता दिखाई देता है। आम आदमी न्याय की उम्मीद लेकर अदालत तक पहुँचता है, लेकिन वर्षों की देरी, खर्च और तकनीकी बाधाओं के कारण थक जाता है। भारत का संविधान हर नागरिक को समान न्याय का अधिकार देता है। लेकिन वास्तविकता में एक बड़ा सवाल उठता है—क्या सच में हर किसी को न्याय मिल रहा है? 💰 पैसा बनाम न्याय आज स्थिति ऐसी है कि जिसके पास पैसा है, वह अच्छे वकील, प्रभाव और समय खरीद सकता है। लेकिन जिसके पास पैसा नहीं है, वह न्याय के दरवाजे तक पहुँचकर भी अंदर नहीं जा पाता। गरीब, किसान और मजदूर ही सबसे ज्यादा अन्याय सहते हैं। ⚖️ कानून का दुरुपयोग Rule of Law का सिद्धांत कहता है कि सभी कानून के सामने समान हैं। लेकिन व्यवहार में अपराधी कानून की खामियों का फायदा उठाकर बच निकलते हैं। तकनीकी गलतियाँ, सबूतों की कमी और मामलों को लंबा खींचने की प्रवृत्ति—इन सबके कारण सच होते हुए भी न्याय नहीं मिल पाता। 😔 न्याय पाना इतना...