आरक्षण नको म्हणणाऱ्यांनो आधी जातिव्यवस्था नष्ट करायला तयार आहात का?

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आरक्षण नको म्हणणाऱ्यांनो आधी जातिव्यवस्था नष्ट करायला तयार आहात का? आजकाल सोशल मीडियावर आरक्षणविरोधी अनेक संदेश व्हायरल होत आहेत. पण एक मूलभूत प्रश्न कोणी विचारत नाही — जर आरक्षण एवढं चुकीचं असेल, तर जातिव्यवस्था नष्ट करण्यासाठी आपण तयार आहोत का? आरक्षण ही समस्या नाही, तर ती एका मोठ्या समस्येचा परिणाम आहे — जातिव्यवस्था . शतकानुशतकं काही समाजघटकांना शिक्षण, संधी आणि सन्मानापासून वंचित ठेवण्यात आलं. त्यामुळेच त्यांना समान संधी देण्यासाठी आरक्षणाची व्यवस्था निर्माण करण्यात आली. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांनी स्पष्ट सांगितले होते — “जाति नष्ट केली नाही, तर समानता कधीच येणार नाही.” मग प्रश्न असा आहे — जर आपण खरोखर समानता मानत असू, तर जात अजूनही का जिवंत आहे? लग्न, समाज, राजकारण यात अजूनही जात का ठरते? जातिव्यवस्था नष्ट करण्यासाठी आपण कितपत प्रयत्न करतो? गरीबी जात पाहून येत नाही — हे खरे आहे. पण भारतात अनेक पिढ्यांपासून जातीनुसार अन्याय झाला आहे, हेही तितकेच खरे आहे. म्हणूनच आरक्षण हे केवळ आर्थिक नाही, तर सामाजिक न्यायाचं साधन आहे. आरक्...

१० बिना पूंजी के व्यवसाय – ग़रीब और बेरोज़गारों के लिए आशा की नई किरण!

१० बिना पूंजी के व्यवसाय – ग़रीब और बेरोज़गारों के लिए आशा की नई किरण!

भारत में लाखों लोग रोज़गार की तलाश में हैं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे स्वयं का व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते। इस लेख में हम ऐसे १० व्यवसायों के बारे में बात करेंगे जो बिना किसी पूंजी के शुरू किए जा सकते हैं और विशेष रूप से गरीब, बेरोज़गार, महिलाएं और युवा वर्ग के लिए उपयोगी हो सकते हैं।


1. घरेलू खाना बनाकर बेचें

जो महिलाएं अच्छा खाना बनाना जानती हैं, वे अपने आस-पास के दफ्तरों या छात्रों को घर का बना खाना टिफिन सेवा के रूप में दे सकती हैं।

2. मोबाइल रिचार्ज और बिल पेमेंट सर्विस

आप एक मोबाइल और इंटरनेट के ज़रिए मोबिक्विक, फोनपे, गूगल पे जैसे ऐप से यह सेवा दे सकते हैं।

3. किराना डिलिवरी सेवा

अपने क्षेत्र में दुकानों से सामान उठाकर ग्राहक के घर तक पहुंचाना एक लाभदायक काम बन सकता है।

4. सोशल मीडिया मैनेजमेंट

अगर आपको सोशल मीडिया चलाना आता है, तो छोटे व्यापारियों के पेज हैंडल कर सकते हैं। बस एक मोबाइल और नेट कनेक्शन काफी है।

5. ट्यूशन क्लासेस

कक्षा १ से १० तक के बच्चों को घर पर पढ़ाना एक शुद्ध आय का स्रोत हो सकता है।

6. फ्रीलांस लेखन या अनुवाद

आप हिंदी, अंग्रेजी, या क्षेत्रीय भाषाओं में लेखन, ब्लॉगिंग या अनुवाद कार्य कर सकते हैं।

7. मेहंदी या ब्यूटी सर्विसेज

शादी और त्योहारों में मेहंदी या ब्यूटी पार्लर जैसी सेवाएं बिना ज़्यादा पूंजी के शुरू हो सकती हैं।

8. ई-वेस्ट कलेक्शन सेवा

पुराने मोबाइल, चार्जर, वायर आदि एकत्र कर रिसायकल कंपनियों को बेच सकते हैं।

9. यूट्यूब चैनल या ब्लॉग शुरू करें

अगर आप किसी विषय में जानकारी रखते हैं, तो अपना यूट्यूब चैनल या ब्लॉग शुरू करके धीरे-धीरे आय का स्रोत बना सकते हैं।

10. सामान बेचने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं

स्थानीय दुकानदारों से उत्पाद लेकर उसे अपने जानने वालों को व्हाट्सएप के माध्यम से बेच सकते हैं।


🔗 निष्कर्ष

इन व्यवसायों के लिए केवल आपकी मेहनत, समय और थोड़ा सा कौशल चाहिए – पूंजी नहीं। आज के युग में आत्मनिर्भर बनना ही असली क्रांति है। आइए, स्वरोज़गार से अपने जीवन को नया मोड़ दें और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनें।

✊ श्रमिक क्रांति मिशन के साथ जुड़े रहें – ग़रीबों की आवाज़ बनें।

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