भाग ३ – समाधान : आदर्श अर्थ वितरण प्रणाली

भाग ३ – समाधान : आदर्श अर्थ वितरण प्रणाली

(१) आज की समस्या

वर्तमान आर्थिक व्यवस्था में धन और साधन कुछ गिने-चुने अमीरों के पास जमा हो गए हैं। जबकि श्रमिक, किसान और मजदूर के पास मेहनत होते हुए भी उन्हें उचित मेहनताना नहीं मिलता।

(२) आदर्श अर्थ वितरण की आवश्यकता

समाज के प्रत्येक व्यक्ति को न्यूनतम अन्न, वस्त्र, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी हों – यही इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य है।

(३) प्रमुख सिद्धांत

  • हर हाथ को काम मिलना चाहिए।
  • हर काम को उचित दाम और सम्मान मिलना चाहिए।
  • उत्पादन का वितरण न्यायपूर्ण होना चाहिए।
  • भ्रष्टाचार, दलाली और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण होना चाहिए।

(४) समाज को लाभ

  • श्रमिक वर्ग को आत्मसम्मान और सुरक्षा मिलेगी।
  • उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
  • अमीर-गरीब की खाई कम होगी।
  • सच्चे अर्थों में सामाजिक समानता स्थापित होगी।

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