आरक्षण नको म्हणणाऱ्यांनो आधी जातिव्यवस्था नष्ट करायला तयार आहात का?

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आरक्षण नको म्हणणाऱ्यांनो आधी जातिव्यवस्था नष्ट करायला तयार आहात का? आजकाल सोशल मीडियावर आरक्षणविरोधी अनेक संदेश व्हायरल होत आहेत. पण एक मूलभूत प्रश्न कोणी विचारत नाही — जर आरक्षण एवढं चुकीचं असेल, तर जातिव्यवस्था नष्ट करण्यासाठी आपण तयार आहोत का? आरक्षण ही समस्या नाही, तर ती एका मोठ्या समस्येचा परिणाम आहे — जातिव्यवस्था . शतकानुशतकं काही समाजघटकांना शिक्षण, संधी आणि सन्मानापासून वंचित ठेवण्यात आलं. त्यामुळेच त्यांना समान संधी देण्यासाठी आरक्षणाची व्यवस्था निर्माण करण्यात आली. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांनी स्पष्ट सांगितले होते — “जाति नष्ट केली नाही, तर समानता कधीच येणार नाही.” मग प्रश्न असा आहे — जर आपण खरोखर समानता मानत असू, तर जात अजूनही का जिवंत आहे? लग्न, समाज, राजकारण यात अजूनही जात का ठरते? जातिव्यवस्था नष्ट करण्यासाठी आपण कितपत प्रयत्न करतो? गरीबी जात पाहून येत नाही — हे खरे आहे. पण भारतात अनेक पिढ्यांपासून जातीनुसार अन्याय झाला आहे, हेही तितकेच खरे आहे. म्हणूनच आरक्षण हे केवळ आर्थिक नाही, तर सामाजिक न्यायाचं साधन आहे. आरक्...

UPI सुरक्षा + डिजिटल पेमेंट्स: संपूर्ण मार्गदर्शक

 

UPI सुरक्षा + डिजिटल पेमेंट्स: संपूर्ण मार्गदर्शक

UPI (Unified Payments Interface) ने भुगतान बेहद आसान बना दिया है; लेकिन इसके साथ ही फिशिंग, QR घोटाले, फर्जी कॉल जैसे UPI Fraud भी बढ़े हैं। नीचे दिए गए टिप्स, चेकलिस्ट और आपातकालीन कदमों से आप लेनदेन को और सुरक्षित बना सकते हैं।

1) धोखाधड़ी से बचने के 10 महत्वपूर्ण टिप्स

  1. OTP/UPI PIN कभी भी शेयर न करें: बैंक/ऐप कभी नहीं पूछते।
  2. अजनबी लिंक से बचें: SMS/WhatsApp/ईमेल में संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें।
  3. QR कोड = भुगतान के लिए: पैसे प्राप्त करने के लिए QR स्कैन करना जरूरी है — यह झूठ है; ऐसे अनुरोध से सावधान रहें।
  4. सिर्फ आधिकारिक ऐप्स का उपयोग करें: Google Play / App Store से ही UPI ऐप इंस्टॉल करें; APK/थर्ड-पार्टी फाइल से बचें।
  5. डिवाइस/ऐप को अपडेट रखें: OS, UPI ऐप, ब्राउज़र नियमित अपडेट करें।
  6. पब्लिक Wi-Fi पर भुगतान न करें: मोबाइल डेटा/विश्वसनीय नेटवर्क का उपयोग करें।
  7. कॉलर आईडी पर भरोसा न करें: बैंक नंबर दिखने वाले कॉल फेक हो सकते हैं।
  8. ऐप परमिशन्स जांचें: स्क्रीन शेयरिंग/रिमोट एक्सेस (AnyDesk आदि) न दें।
  9. नोटिफिकेशन पढ़ें: हर डेबिट/क्रेडिट SMS/इन-ऐप अलर्ट जांचें।
  10. SIM/डिवाइस सुरक्षा: SIM स्वैप/गुम फोन तुरंत ब्लॉक करें; स्क्रीन लॉक, बायोमेट्रिक, Find-My-Device सक्रिय रखें।

2) सामान्य स्कैम प्रकार (पहचानें और बचें)

  • “KYC अपडेट नहीं तो खाता बंद” – जल्दी करने के लिए लिंक पर ले जाना।
  • “पैसे दूँगा, QR स्कैन करो” – स्कैन = भुगतान; प्राप्ति के लिए स्कैन जरूरी नहीं।
  • कैशबैक/रिवार्ड स्कैम – छोटा भुगतान करवाकर बाद में बड़ा डेबिट।
  • रिमोट एक्सेस – स्क्रीन शेयर कराकर OTP/PIN चोरी।
  • फेक सपोर्ट – “कस्टमर केयर” बनकर जानकारी लेना।

3) तत्काल कदम (Fraud होने पर)

  1. बैंक/ऐप हेल्प को तुरंत बताएं और ट्रांजैक्शन ब्लॉक/डिस्प्यूट दर्ज करें।
  2. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें (भारत) और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  3. डेबिट कार्ड/UPI ब्लॉक करें, पिन बदलें।
  4. सबूत सुरक्षित रखें – SMS, कॉल लॉग, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन आईडी।

4) Do/Don’t त्वरित तुलना

करें (Do)न करें (Don’t)
सिर्फ आधिकारिक ऐप/वेबसाइटलिंक/अजनबी साइट पर लॉगिन
PIN/OTP खुद तक सीमित रखेंफोन/चैट पर जानकारी दें
QR स्कैन = भुगतान याद रखें“प्राप्ति के लिए स्कैन” झूठ मानें
अपडेट/सिक्योरिटी लॉक सक्रियपब्लिक Wi-Fi पर भुगतान

5) सुरक्षित डिजिटल लेनदेन चेकलिस्ट

  • डिवाइस लॉक + UPI ऐप लॉक ✔️
  • SMS/इन-ऐप अलर्ट सक्रिय ✔️
  • बैकअप ईमेल/मोबाइल अपडेट ✔️
  • पता/KYC जानकारी खुद भरें ✔️
  • महत्वपूर्ण नंबर सेव: आपकी बैंक, 1930, साइबर पोर्टल ✔️

निष्कर्ष: UPI लेनदेन सुरक्षित रखना आदतों पर निर्भर है। ऊपर दिए गए नियम मानें, संदिग्ध लिंक/कॉल से बचें और “सावधान रहें – सुरक्षित रहें”।

Free PDF: “UPI सुरक्षा चेकलिस्ट (Hindi)” डाउनलोड करें — Download

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